उसके जाने के बाद दृश बिल्कुल उदासीनता के साथ धीरे से अपने बिस्तर पर बैठता है। जैसे मानो बस किसी तरह अपने बिखरे हुए ऊर्जा हीन शरीर को बिस्तर पर रख रहा था।
बैठने के बाद उसकी नज़र पास पड़ी शराब से भरी गिलास पर पड़ती है।
वो बस चुपचाप कहीं खोया हुआ उस गिलास की तरफ़ देखता रहता है।
उसका हाथ ज़रा भी ऊर्जा या उत्साह महसूस नहीं करता उस गिलास को उठाने के लिए।
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(The void left by her departure slowly consumed Drish.
Crushed by an overwhelmed lethargy, he slowly sank into his bed, as if was merely placing his exhausted, energy-drained body on the bed.
His gaze drifted to the glass of liquor beside him, he blankly stared at the glass while his hand lay still, devoid of the will to grasp the glass.)
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तभी सुष्मिता कमरे में दाख़िल होती है।
वो दृश की हालत को देखती है, मुरझाया हुआ चेहरा और कहीं खोई हुई नम आँखें।
वो धीरे से उसके पास बैठती है और उस गिलास को उठा कर दृश के हाथ में थमाते हुए बोलने लगती है,
"सुबह सुबह पीना स्टार्ट कर दिया अपने तो...
और, तृषा दी चले गए हाँ..? मुझे मिले थे जाते वक़्त, और मुझे बोल कर गए हैं तुम्हारा ख्याल रखने के लिए।"---------------------------------------------
(Just then, Sushmita enters the room.
She notices Drish's condition, his face drooping and eyes moistened, lost somewhere.
She quietly sits beside him and while handling him the glass, she speaks,
"Started drinking early morning, huh? Oh, i see, Trisha di has left!
By the way she met me and asked to take care of you.")---------------------------------------------
दृश सुष्मिता की तरफ़ देखता है, उसका चेहरा अभी भी मुरझाया हुआ था और आँखें नम।
सुष्मिता धीरे से अपना एक हाथ दृश की जाँघ पर रखते हुए बोलती है,
"उदास मत हो डियर, तुम अकेले नहीं हो यहाँ।
आई ऍम हेयर फॉर यू, एनी टाइम।
कभी भी कोई भी बात हो.. फील फ्री टू कॉन्टैक्ट मी।"ये शब्द सुनकर भी दृश कोई उत्साह महसूस नहीं करता।
सुष्मिता फिरसे बोलती है,
"वैसे मुझे कुछ बताना है तुम्हें, अभी त्रिशा जब ऊपर आई थी, मैंने उसको मानवी के साथ बात करते हुए सुना था, तुम्हारे और नित्या के बारे में.. तुम दोनों केे बीच में ऐसा कुछ.. आई मीन, कुछ देखा है उन्होंने ऐसा?"

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"लापरवाह चाहते" (Nonchalant longings)
Fantasy" बढ़ाती दिलो की धड़कने.. " ये ' लापरवाह चाहते ' 'Nonchalant longings' The 'cause to raising heartbeats'